उर्वरक और पोषण प्रबंधन
गन्ना की खेती में उर्वरक और पोषण प्रबंधन का अत्यधिक महत्व है क्योंकि गन्ना एक लंबी अवधि की फसल है और इसमें पोषक तत्वों की अधिक आवश्यकता होती है। फसल की उच्च उपज और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए मृदा स्वास्थ्य बनाए रखना और आवश्यक पोषक तत्वों की उचित मात्रा प्रदान करना आवश्यक है। यहाँ गन्ना की खेती में उर्वरक और पोषण प्रबंधन के प्रमुख पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई है:
1. गन्ना की पोषक तत्वों की आवश्यकताएँ
गन्ना की अच्छी वृद्धि और विकास के लिए निम्नलिखित प्रमुख पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है:
नाइट्रोजन (N):
नाइट्रोजन गन्ने की पत्तियों और तनों की वृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह फसल की हरितिमा को बढ़ाने में मदद करता है और प्रोटीन और क्लोरोफिल के निर्माण में सहायक होता है।
फास्फोरस (P):
फास्फोरस जड़ों के विकास, फसल की प्रारंभिक वृद्धि, और ऊर्जा स्थानांतरण की प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह पौधों के रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है।
पोटेशियम (K):
पोटेशियम फसल की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने, शर्करा के संचयन, और जल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।