कीट और रोग प्रबंधन
गन्ना की खेती में कीट और रोग प्रबंधन का महत्वपूर्ण स्थान है क्योंकि कीट और रोग फसल की उपज और गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। गन्ने के पौधों पर हमला करने वाले कीट और रोग विभिन्न प्रकार के होते हैं, जो पौधों
के तनों, पत्तियों, जड़ों, और शर्करा की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। इसलिए, इनका समय पर और प्रभावी नियंत्रण फसल की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
1. गन्ने के प्रमुख कीट और उनका प्रबंधन
गन्ने की फसल पर कुछ सामान्य कीटों का हमला होता है, जो उपज को प्रभावित कर सकते हैं। इन कीटों के प्रबंधन के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
(i) गन्ने का तना छेदक (Sugarcane Stem Borer)
. प्रभाव: यह कीट गन्ने के तने में सुरंग बनाकर पौधे की वृद्धि और शर्करा की गुणवत्ता को प्रभावित करता है।
. लक्षण: तनों पर छिद्र दिखाई देते हैं, और पत्तियाँ सूखने लगती हैं। तने के अंदर गड्ढे और कीड़े पाए जाते हैं।
. प्रबंधन:
· खेत की सफाई और फसल चक्र अपनाना।
· गर्मियों में गहरी जुताई करना ताकि कीट के अंडे नष्ट हो जाएं।